Karungali Jap Mala

Karungali Jap Mala

Rs. 410.00 INR
Sale price  Rs. 410.00 INR Regular price 

Free Shipping & Inclusive of all taxes

Skip to product information

करुंगाली जप माला
Karungali Jap Mala (108 beads)


करुंगाली (Karungali) दक्षिण भारत में पाई जाने वाली दुर्लभ एवं कठोर काली लकड़ी (Black Ebony) है। इसे "काली काष्ठ" या "शनि वृक्ष" भी कहा जाता है। इस लकड़ी से बनी 108 मणकों की जप माला तांत्रिक साधना, शनि ग्रह शांति, सुरक्षा कवच और उच्च स्तरीय मंत्र जाप के लिए अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती है।

यह माला विशेष रूप से शनिवार को जप करने, नवग्रह साधना, और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए उपयोग की जाती है। 

करुंगाली माला – शनि दोष निवारण, तांत्रिक सुरक्षा, और गहन साधना का अटूट साथी

विशेषताएँ

108+1 मनके

108 करुंगाली मनके + 1 मेरु (सुमेरु), मजबूत सूती/रेशम धागा

प्राकृतिक करुंगाली लकड़ी

शुद्ध, बिना पॉलिश, घना काला रंग, विशिष्ट ऊर्जा के साथ

शनि एवं राहु-केतु शांति

शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैया और तांत्रिक बाधाओं से मुक्ति हेतु

सुरक्षा कवच

प्रेत, भूत, नकारात्मक ऊर्जा, काला जादू से रक्षा करती है

लाभ

शनि दोष निवारण

शनिवार को करुंगाली माला से "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का 108 जप करने से शनि की पीड़ा घटती है

तांत्रिक साधना में सिद्धि

तंत्र, मंत्र, यंत्र साधना में यह माला सबसे अधिक प्रभावशाली मानी गई है

मानसिक शक्ति एवं अनुशासन

कठोर लकड़ी की कंपन ध्यान में गहराई, आत्मअनुशासन और मानसिक स्थिरता देती है

शत्रु एवं बाधाओं से रक्षा

नकारात्मक शक्तियों, शत्रुओं और अदृश्य बाधाओं से सुरक्षा करती है

जप विधि एवं माला देखभाल

जप विधि

दाएँ हाथ में माला, अंगूठा व मध्यमा से मनका फेरें। सुमेरु पार न करें। 1 माला = 108 जप। शनिवार या अमावस्या को विशेष लाभ

शुभ समय

प्रातः स्नान के बाद, या रात्रि 10-12 बजे तांत्रिक साधना के लिए। शनिवार को सूर्यास्त के बाद भी कर सकते हैं

सफाई एवं रखरखाव

कभी पानी या तेल न लगाएँ। सूखे सूती कपड़े से पोंछें। उपयोग में न हो तब काले रेशमी थैली में रखें

  • प्रमुख मंत्र: "ॐ शं शनैश्चराय नमः" या "ॐ करुंगाली देवतायै नमः"
  • न्यूनतम: प्रतिदिन 1 माला (108 जप), शनि प्रकोप हो तो 3 या 11 माला
  • नियम: काले वस्त्र पहनकर, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जपें
  • सिद्धि काल: 40 दिन निरंतर जप से महान लाभ

विशेष: करुंगाली माला को कभी किसी अन्य को स्पर्श न करने दें। नई माला को शनिवार को सरसों के तेल से हल्का सा अभिमंत्रित करें , फिर गंगाजल से शुद्ध करें। इसे गले या कलाई में धारण करने से स्वयं पर काली ऊर्जा का प्रभाव नहीं होता, बल्कि बाहरी नकारात्मकता से रक्षा होती है।


करुंगाली माला क्यों चुनें?

यह माला तमिलनाडु और केरल के घने जंगलों के प्राकृतिक करुंगाली वृक्ष से बनाई जाती है। इस लकड़ी का तंत्र-मंत्र में अत्यधिक महत्व है – यह भैरव, काली, शनि, राहु और केतु साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। साथ ही, साधारण जप के लिए भी यह माला मन को तुरंत एकाग्र करती है। यदि आप ग्रह दोष (विशेषकर शनि), अदृश्य बाधा, या काला जादू से परेशान हैं, तो करुंगाली माला आपके लिए अमूल्य साधन है।

100% प्राकृतिक करुंगाली | 108+1 मनके | तांत्रिक साधना हेतु सिद्ध
₹410.00
(Free shipping and inclusive of taxes)

© 2026 Divya Ratna. All rights reserved.