रुद्राक्ष जप माला
Original Nano Rudrakasha Beads Mala
(8mm to 10 mm)
पवित्र 108 मणकों की ध्यान माला
रुद्राक्ष जप माला में 108 प्राकृतिक रुद्राक्ष बीज होते हैं। यह माला विशेष रूप से मंत्र जाप, ध्यान और प्राणायाम के लिए उपयोग की जाती है। प्रत्येक रुद्राक्ष में शिव ऊर्जा का वास माना गया है। 108 की संख्या आध्यात्मिक रूप से पूर्ण मानी जाती है – यह 1 (परमात्मा), 0 (शून्यता), 8 (अनंत) का प्रतीक है।
यह माला हाथ से बुनी जाती है, प्रत्येक मनका प्रामाणिक रुद्राक्ष (नेपाल/इंडोनेशियन) से बना है। धागा मजबूत सूती/रेशमी होता है। सुमेरु (मेरु बीड) से जप प्रारंभ और समाप्त किया जाता है।
मंत्र जाप, ध्यान और साधना के लिए सिद्ध रुद्राक्ष माला – 108 प्राकृतिक रुद्राक्ष
विशेषताएँ
108+1 मनके
108 रुद्राक्ष + 1 मेरु मनका (सुमेरु), सूती/रेशमी धागे में पिरोया गया
प्राकृतिक रुद्राक्ष
5-7 मुखी रुद्राक्ष (प्रामाणिक, बिना रंगे), आकार 8-14 मिमी
सिद्ध एवं प्राण प्रतिष्ठित
वैदिक मंत्रों से अभिमंत्रित, उपयोग हेतु तैयार
शिव संकल्प
ॐ नमः शिवाय, महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री आदि के जाप हेतु उत्तम
लाभ
मानसिक शांति
नियमित जप से चित्त शांत, तनाव और चिंता में कमी
हृदय एवं रक्तचाप लाभ
रुद्राक्ष का विद्युत-चुंबकीय प्रभाव हृदय तंत्र को संतुलित करता है
सकारात्मक ऊर्जा कवच
नेगेटिव एनर्जी से बचाव, आभा मंडल मजबूत
एकाग्रता एवं स्मरण शक्ति
ध्यान क्षमता बढ़ती है, मंत्रों का प्रभाव गहरा होता है
जप विधि एवं माला की देखभाल
दाहिने हाथ में माला, अंगूठा और मध्यमा से प्रत्येक मनका फेरें। मेरु को पार न करें।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त, संध्या के समय अथवा दिन के किसी भी समय
गीले कपड़े से पोंछें, तेल/साबुन न लगाएँ। उपयोग में न हो तब रेशमी थैली में रखें।
- मंत्र: ॐ नमः शिवाय (1 माला = 108 जप)
- न्यूनतम: प्रतिदिन 1 माला
- नियम: स्नान के बाद, शुद्ध आसन पर बैठें
- अधिकतम लाभ: 21 दिनों तक निरंतर जप से सिद्धि
रुद्राक्ष जप माला क्यों चुनें?
प्रामाणिक रुद्राक्ष से निर्मित, हाथ से बुनी गई 108+1 माला। यह माला मंत्र साधना, ध्यान, योग और तंत्र-मंत्र क्रियाओं के लिए पवित्र एवं प्रभावशाली है। ज्योतिष के अनुसार रुद्राक्ष शनि, राहु, केतु के अशुभ प्रभाव को कम करता है। नियमित जप से आत्मबल, शिवकृपा और जीवन में शांति प्राप्त होती है।
(Free shipping and inclusive of taxes)
Divya Ratna
Cosmic Healing & Spiritaulity
© 2026 Divya Ratna. All rights reserved.